जो फिरोजपुर को क्राईम फ्री सिटी करना चाहते हैं। अपने गुरु की यह इच्छा सुनकर अर्जुन पटियाला उसे पूरा करने की ठान लेता हैं। फिरोजपुर में तेज़ न्यूज़ में बतौर पत्रकार काम करती रितु रांधवा यानी कृति सैनॉन को देखते ही अर्जुन अपना दिल हार जाते हैं। रितु जो कि पत्रकार है वह फिरोजपुर को क्रिमिनल फ्री करने में अर्जुन की मदद करती हैं और क्रिमिनल की पूरी रिसर्च और लिस्ट अर्जुन को सौंप देती हैं।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी रितेश शाह ने लिखी है

Image Credit: Movie – Arjun Patiala

अर्जुन पटियाला यानी दिलजीत बचपन से ही पुलिस वाला बनने का सपना देखता है। पंजाब के अपने गांव में पुलिसवाले रोनित रॉय को देखकर वह बचपन में ही ठान लेता है कि उसे भी उसके जैसा ही पुलिसवाला बनना है। दरअसल, बड़े होने के बाद अर्जुन को स्पोर्ट्स कोटे में पुलिस की नौकरी मिलती है और उसकी पोस्टिंग होती है फिरोजपुर में, जहां उसकी मुलाकात होती है ओनिडा यानी वरुण शर्मा से। इन दोनों के ऊपर है अफसर रोनित रॉय, जो फिरोजपुर को क्राईम फ्री सिटी करना चाहते हैं। अपने गुरु की यह इच्छा सुनकर अर्जुन पटियाला उसे पूरा करने की ठान लेता हैं। फिरोजपुर में तेज़ न्यूज़ में बतौर पत्रकार काम करती रितु रांधना यानी कृति सैनॉन को देखते ही दिलजीत अपना दिल हार जाते हैं। रितु जो कि पत्रकार है वह फिरोजपुर को क्रिमिनल फ्री करने में अर्जुन की मदद करती हैं और क्रिमिनल की पूरी रिसर्च और लिस्ट दिलजीत को सौंप देती हैं।

फिल्म के किरदार

फिल्म में कई बेहतरीन कलाकारों को शामिल किया गया है

Image Credit: Movie – Arjun Patiala

फिल्म में अगर किसी की तारीफ होनी चाहिए तो वह है दिलजीत और वरुण शर्मा की। फिल्म में दिलजीत-वरुण की केमिस्ट्री के आगे, दिलजीत-कृति की केमिस्ट्री भी फीकी लगती है। दिलजीत एक बेहतरीन कलाकार है और उनके अभिनय का जलवा हम फिल्म ‘सुरमा’ में पहले ही देख चुके हैं लेकिन अफसोस इस फिल्म की कहानी इतनी कमज़ोर है कि दिलजीत अपने एक्टिंग के टैलेंट को अच्छे से दिखा ही नहीं पाए। वहीं फिल्म में वरुण कॉमेडी का तड़का लेकर आते हैं। सनी लियोनी, प्रशांत त्रिपाठी जैसे कई कलाकार इस फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस में है। फिल्म में सीमा पाहवा ने प्राप्ति मक्कड़ नाम की एमएलए का किरदार निभाया है, जो फिरोज़पुर से सारे गुंडो को मरवा कर खुद ही डॉन बनना चाहती हैं। इसके अलावा फिल्म में मोहम्मद जीशान अयूब भी है जिन्होनें स्कूल नाम के गुंडे की भूमिका निभाई हैं।

फिल्म देखें या नहीं

दिलजीत और रोहित ने साथ में सरदार 1 और सरदार 2 नाम की दों पजाबी हिट फिल्म की हैं

Image Credit: Movie – Arjun Patiala

फिल्म में अगर किसी बात की तारीफ होनी चाहिए वो है दिलजीत और वरुण की एक्टिंग। लेकिन फिल्म में गाने में ‘प्रीतो’ और मैं दीवाना तेरा’ के अलावा कोई भी ऐसा गाना नहीं है जो लोगों को याद रह जाए। फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है इस फिल्म की कहानी और फिल्म का निर्देशन। फिल्म में स्पूफ जॉनर को दिखाने की कोशिश की गई हैं, लेकिन वह इस फिल्म को काफी बचकाना बनाती है। फिल्म में कहीं-कहीं किरदार सीधे ही दर्शकों के साथ बात करते हैं या फिर कुछ भी स्क्रीन पर लिखा आ जाता है, इतना ही नहीं फिल्म के डायलॉग्स भी काफी अटपटे हैं। कुल मिला कर इस फिल्म में किए गए सभी एक्सपेरीमेंट काफी अजीब और अटपटे लगते हैं। एक हीरो, एक हीरोइन, एक आइटम नंबर और पांच विलेन वाली इस फिल्म में एक्शन भी काफी कॉमेडी है। ब्रेक से पहले फिल्म फिर भी दर्शकों को बांधे रखती हैं, लेकिन ब्रेक के बाद इस फिल्म को देखना काफी मुश्किल हैं।

कुल मिलाकर आवाज़ डॉट कॉम इस फिल्म को डेढ़ स्टार देता हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।