राहत इंदौरी के शायराना मिज़ाज को कोई एक नाम नहीं दिया जा सकता। उनकी कलम से सियासी तंज की ख़ूब इबारत निकलीं, तो वहीं उन्होंने फ़िल्मों के लिए भी गाने लिखे, साथ ही रूमानी शायरी भी कही। राहत साहब जब मंच पर आते हैं, तो लोग उन्हें बड़े रोमांच से सुनते हैं। लोग जितना रोमांच से उन्हें सुनते हैं उसी उत्साह के साथ उन्हें पढ़ते भी हैं। इसलिए आज हम इस शो के माध्यम से, उनकी रूमानी ग़ज़लें आपके लिए लेकर आए हैं।