माँ और जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ कहा गया है। भारत के संदर्भ में यह कथन अक्षरशः सत्य है।
मेरा देश भारत सचमुच महान है। उसके समक्ष स्वर्ग का सौंदर्य भी फीका पड़ता है।
श्रीराम ने यूँही नहीं कहा था- “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”।
भारत की विशालता, इसकी संस्कृति और इसके निवासियों के शौर्य और पराक्रम से इसकी गणना महान राष्ट्रों में होती है।
भारत की महानता केवल कुछ गुणों के कारण नहीं है। इसके कण-कण में महानता के समस्त गुण समाहित हैं।
इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलिए जानते हैं हमारे हिंदुस्तान के बारे में Aawaz.com के साथ।