उर्दू साहित्य में बड़े से बड़े शायरों ने इश्क, दुनिया, दोस्ती, असबाब, गम, बेवफाई, रुसवाई सहित कई पहलुओं पर अपनी शेर, शायरी, नज़्म और ग़ज़लें लिखी हैं। ‘मैं शायर तो नहीं’ शो के माध्यम से हम आपको उर्दू साहित्य के उन शायरों के जीवनी के बारे में बताएंगे जिन्होंने उर्दू साहित्य और कला का नाम विश्वभर में ऊंचा किया है। ये वो शायर हैं जिनके कलाम लोग आज भी सुनना पसंद करते हैं। बच्चा हो या बूढ़ा, साहित्य और कला का हर एक कदरदान, इन शायरों को हमेशा याद करता है। आइये, आप और हम भी मिलकर इन शायरों को फिर एक बार याद करें।