जब आप काम पर होते हैं, तो आपको बहुत सी बातों पर ध्यान देना आवश्यक होता है, जैसे, नियमों का पालन करना और प्रत्येक दिन कड़ी मेहनत करना ताकि आपके सफल करियर के रास्ते में कुछ भी न आए। बहुत से कर्मचारी ऐसे होते हैं, जो अपने काम को दुनिया में सबसे एहम मानकर चलते हैं और कुछ ऐसे भी कर्मचारी होते हैं जो सब कुछ भुला कर सिर्फ अपना काम करने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि, करियर की शुरुआत में ऐसा करने से आपका काम एक अच्छी गति पकड़ लेगा, लेकिन लम्बे समय में इसी काम के कारण आप अपने आप को बाकि सभी चीज़ों से कटा-कटा पाएंगे। हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बताएंगे जिसकी मदद से आप ऑफिस में अपने लिए निजी सीमाएं बना सकते हैं।

अपने आप को किसी से कम ना समझें

अपने काम को महत्व देना अच्छी बात होती है लेकिन उस काम में इतना नहीं डूबना चाहिए कि आप उन सभी चीज़ों पर ध्यान देना भूल जाएं जिसे करने से आपको सुकून मिलता है। आप अपने काम के अलावा भी किसी चीज़ में बहुत अच्छे होंगे, और यदि ऐसा है तो आपको अपने दिल की सुनकर उस काम को ज़रूर करना चाहिए। यह करने के लिए आपको काम पर ओवरटाइम करने पर सीमा लगानी होगी। कभी-कभार काम ज़्यादा होने पर ओवरटाइम करने में कोई हर्ज़ नहीं है, लेकिन इसे अपने आदत बना लेना ठीक नहीं है।

कम्युनिकेशन एक मात्र हल होता है

अपनी समस्याओं और इरादों के बारे में शुरुआत में ही बातचीत कर लेनी चाहिए

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काम पर लोग आपसे उसी तरह व्यवहार करेंगे जिस तरह से वे आपको व्यवहार करते हुए देखेंगे। तो इसीलिए कभी आपको किसी के व्यवहार से दुःख हो तो याद रखिये शायद आपके ही किसी कार्य ने उनको ऐसा करने पर मजबूर किया है। इस तरह की मुसीबतों से बचने के लिए, यह सुनिश्चित कीजिये की आप अपनी समस्याओं के बारे में अपने बॉस या सहकर्मियों से स्पष्ट रूप से बात करें। आप हर समय तो काम से सम्बंधित चर्चा नहीं करना चाहेंगे। इसलिए बात करते समय यह स्पष्ट कीजिये कि आप घर पर ऑफिशियल कॉल्स के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

अपनी भावनाओं को लेकर स्पष्ट रहें

आपकी नौकरी से आपको एक पर्याप्त तनख्वाह मिल जाती है। यह आपके लिए एक कारण बन जाता है काम पर अतिरिक्त मेहनत करने का। हालाकिं इसमें कोई गलत बात नहीं है, लेकिन जैसे कहते हैं, हर चीज़ की एक सीमा होती है। किसी भी काम को हाथों में लेने से पहले आपको यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि इस काम को करने के लिए क्या आप पूरी तरह से सक्षम है। ऐसी स्थिति में लोग आपका फायदा उठाएंगे, आपका इस्तेमाल करेंगे, आपको फ़साने की कोशिश भी करेंगे। आपको इन सभी चीज़ों से बचकर रहना होगा।

जानिये आप किस प्रकार का बदलाव चाहते हैं

जैसे ही आपको किसी समस्या का आभास हो, तुरंत ही अपनी सीमाओं को निर्धारित कर दीजिये। इसके बारे में निश्चित रहें। आपको बिना असभ्य बने, बड़ी विनम्रता से अपनी बात उस इंसान के सामने रखनी चाहिए जो आपके लिए एक समस्या बनकर खड़ा है। आपको इस स्थिति से बड़ी ही शान्ति और चतुराई के साथ सुलझाना होगा।

इन प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, आप न सिर्फ अपने काम को महत्व देंगे बल्कि अपने आप की भी कदर करना सीख जाएंगे।