किसी भी कामकाजी व्यक्ति के लिए अप्रेज़ल ख़ास माना जाता है। साल भर की मेहनत के लिए मार्च और अप्रैल के दौरान बॉस की तरफ से प्रमोशन दिया जाता है, जिसमें आपके सैलरी पॅकेज में बढ़ोतरी की जाती है। लेकिन कई बार आपको आपके मन के मुताबिक अप्रेज़ल नहीं मिलता, जिसकी वजह लोग गुस्से में आकर नौकरी तक बदलने के बारे में सोचते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स देते हैं, जिसकी वजह से आप अपना मूड खराब होने से बचा सकते हैं।

बॉस के पास होता है सीमित पॅकेज

बॉस के पास कंपनी से दिया हुआ सिमित बजट है

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हैदराबाद में एचआर के पद पर कार्यरत दीपिका सोनी कहती हैं कि अक्सर कम अप्रेज़ल मिलने की वजह से हम बेहद गुस्से में आ जाते हैं और बॉस के साथ बद्तमीज़ी कर देते हैं। ऐसा करना आपके करियर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए अच्छी तरह से परखें कि क्या हकीकत में आप जितना सोच रहे हैं उतना अप्रेज़ल आपको मिलना चाहिए? वहीं आपको इस बात का भी ख़याल रखना चाहिए कि आपके बॉस के पास कंपनी से दिया हुआ सिमित बजट है, जिसके अनुसार ही वो पूरी टीम को अप्रेजल दे सकता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप अपने सोचने का तरीका बदलें। इससे आपको बुरा नहीं लगेगा।

फीडबैक को अपनाएं

अक्सर लोग अप्रेज़ल मीटिंग के दौरान बॉस के फीडबैक को अनसुना कर देते हैं। बॉस आपसे ज़्यादा एक्सपीरियंस होते हैं, जो आपकी प्रगति के लिए आपको फीडबैक देते हैं। इसलिए कम अप्रेज़ल की वजह से बॉस को जज ना करें और उनके दिए फीडबैक को अपनाएं और इस पर काम शुरू करें। यकीन मानिये ये आपके भले के लिए ही है।

जल्दबाजी में ना छोड़ें नौकरी

आपके लिए बेहतर है कि सोच-समझ के नौकरी बदलने का फैसला लें

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लोग सिर्फ अप्रेज़ल की वजह से नौकरी छोड़ने का मन बना लेते हैं। लेकिन इसका असर आपके करियर पर पड़ सकता है। ये भी बात याद रखें कि आप अब तक इसलिए इस कंपनी में थे, क्योंकि आपको इस कंपनी से सीखने का मौका मिल रहा था। इसलिए आगे भी आप कंपनी से कुछ नया सीख सकते हैं। आपके लिए बेहतर है कि सोच-समझ के नौकरी बदलने का फैसला लें।

अप्रेज़ल ही सबकुछ नहीं

याद रखें कि आपका एक्सपीरियंस और काबिलियत के बूते आप और भी अच्छी नौकरी पा सकते हैं। बेहतर है कि आप अपनी एनर्जी को काम करने में लगाएं और गुस्से में आकर ऑफ़िस में आपकी इमेज खराब ना करें। आप चाहें तो कुछ समय रूक कर अच्छी अपॉर्च्युनिटी का इंतज़ार कर सकते हैं। वहीं यदि कंपनी में ही रूक कर बेहतर काम करके अगले साल के अप्रेजल के लिए तैयारी कर सकते हैं।

यदि आप इन टिप्स को अपनाएंगे, तो आपको कम अप्रेजल मिलने पर दुख नहीं होगा।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..