हिमाचल की गोद में बसा मनाली प्रकृति की एक ऐसी खूबसूरत रचना है, जिसे देखने के लिए हर साल लाखों पर्यटक मनाली जाते हैं। मनाली में कई ऐसे ट्रैकिंग पॉइंट्स हैं, जहां से भूत-प्रेतों की कहानियां जुड़ी हुई हैं। कहा जाता है कि बर्फ से ढंके इन पहाड़ों में रूहानी ताकतें अपना डेरा बसाए रहती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुन कर आप सकते में आ जाएंगे। मनाली और लेह पर बसा है एक छोटा सा मंदिर, जहां लोग खास तौर पर मिनरल वॉटर चढ़ाने जाते हैं। क्या आप इस बात पर यकीन कर पाएंगे? शायद नहीं, क्योंकि ऐसी अजीबो-गरीब घटना के बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा।

मनाली-लेह मार्ग पर 17 हज़ार फीट की ऊंचाई पर बसा है गाटा लूप्स

मनाली-लेह मार्ग पर 17 हज़ार फीट की ऊंचाई पर बसा है गाटा लूप्स, जहां स्थित है एक ऐसे भूत का मंदिर, जो हर राहगीर से मिनरल पानी की बोतल मांगता है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मिनरल वॉटर और सिगरेट के पैकेट न चढ़ाएं जाएं, तो यह रूह आपको पूरे रास्ते परेशान करती है। इसे लेकर कई कहानियां स्थानीय लोगों में प्रचलित हैं, जो पर्यटकों का मनोरंजन करती है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की कहानी।

क्या है इस मंदिर की कहानी?

स्थानीय लोगों के बीच यह कहानी बेहद मशहूर है

करीब तीन दशक पहले इसी मार्ग पर एक दर्दनाक घटना घटी थी, जिसमें एक ट्रक ड्राइवर और कंडक्टर के ट्रक का एक्सीडेंट बर्फबारी की वजह से हुआ। जिसके बाद कंडक्टर को बेहद चोट आई, लेकिन ड्राइवर बच गया। ड्राइवर मदद मांगने के लिए पास के गांव की तरफ चल पड़ा। लेकिन यह गांव 40 किलोमीटर दूर था, जिसकी वजह से वापस घटनास्थल पर पहुंचने में ड्राइवर को काफी समय लग गया। जब तक वो गांव वालों की मदद लेकर वापस आया, तब तक कंडक्टर की मौत हो चुकी थी। कहा जाता है कि इस कंडक्टर की मौत भूख और प्यास की वजह से हुई थी और उसकी लाश बर्फीले तूफानों के बीच ट्रक के अंदर पड़ी हुई थी। कहा जाता है कि ड्राइवर ने अपने साथी कंडक्टर की लाश को यहीं दफना दिया, जिसके बाद से इस रास्ते पर कई डरावनी घटनाएं होने की खबर सुनाई देने लगी।इस घटना के बाद से ही इस रास्ते से गुज़रने वाले यात्रियों को युवक की रूह सिगरेट और पानी मांगती हुई दिखाई देने लगी। कई लोगों को इस युवक के दर्द से कराहने की आवाज भी सुनाई देने लगीं। कुछ लोगों को यह युवक रास्ते में अक्सर दिखाई देता था, इसीलिए इस रास्ते पर उस युवक के नाम का मंदिर बनाया गया।

कहा जाता है कि आज भी इस युवक की आत्मा को तृप्त करने के लिए यहां से गुज़रने वाले लोग इस मंदिर में मिनरल वाटर और सिगरेट का पैकेट चढ़ाते हैं। कहा जाता है कि यदि ऐसा न किया जाए तो पूरे मार्ग में यह युवक आपको परेशान करता है। साथ ही आपकी गाड़ी हादसे का शिकार भी हो सकती है। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है, इस बात का पता नहीं लग पाया। लेकिन स्थानीय लोगों के बीच यह कहानी बेहद मशहूर है। भले ही यह मंदिर कहानियों की वजह से बना हो, लेकिन हर साल पर्यटकों का दिल लुभाने के लिए यह खास तौर पर जाना जाता है।

क्या खास बात है इस रास्ते की?

यह रास्ता दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक भी माना जाता है

मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 21 घुमावदार रास्ते हैं, जिसमें से 22 वां मोड़ ‘हेयर पिन बेंड’ कहलाता है। इसी घुमावदार रास्ते को गाटा लूप्स का नाम दिया गया है। यह रास्ता दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक भी माना जाता है। जहां सर्दियों में यह रास्ता भारी बर्फबारी की वजह से बंद रहता है, वहीं गर्मियों में यहां लोग रोड ट्रिप का मज़ा लेने आते हैं। कहा जाता है कि ये रास्ता स्वर्ग जैसी खूबसूरती से आपका मन मोह लेता है।

यदि आप भी इस भूतिया मंदिर की सैर करना चाहते हैं, तो आपको मनाली-लेह मार्ग पर बसे गाटा लूप्स की सैर का प्लान बनाना चाहिए।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..