गर्मियों की चिलचिलाती धूप के बाद, हरा भरा मानसून आपको सुकून तो देता है लेकिन भोजन के मामले में और अधिक सतर्क रहने का कारण भी देता है। इस मौसम में संक्रमण और गंभीर बीमारी होने के चांसेज बहुत ज़्यादा रहते हैं इसलिए खानपान को लेकर सावधानियां बरतने की बहुत ज़रुरत होती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार,मानसून का मौसम पाचन तंत्र को संवेदनशील और कमज़ोर भी बनाता है। इसलिए कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी ही आपके स्वास्थ्य के सही साबित होती है। हम आपको कुछ ऐसे ही फ़ूड आइटम्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको मानसून में खाने से बचना चाहिए।

चाट: भोपाल की डायटीशियन अंजू विश्वकर्मा के अनुसार, इस मौसम में लोकप्रिय स्नैक्स जैसे चाट, गोल गप्पे, भेल पुरी और दही पुरी से बचें। इन स्नैक्स को बनाते समय दूषित पानी का उपयोग अधिक होता है जो अक्सर पेट में गंभीर संक्रमण का कारण बनता है। इन संक्रमणों से दस्त और पीलिया जैसे रोग हो सकते हैं।

8 खाद्य पदार्थ जो आपको मानसून के दौरान नहीं खाने चाहिए

मानसून में न खाएं सी फ़ूड
मानसून में न खाएं सी फ़ूड

सी फ़ूड: हममें से बहुत से लोग इस बात से अवगत नहीं हैं कि मानसून मछलियों और प्रॉन के लिए प्रजनन का मौसम है। इसलिए, इस समय उनसे बचने के लिए सुझाव दिया जाता है। अगर नॉन वेज खाना ही चाहते हैं, तो चिकन और मटन खाना चाहिए।

कच्चा खाना: फ़ूड एक्सपर्ट्स हमेशा कच्चे खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं, लेकिन इस मौसम में शरीर को कीटाणुओं और संक्रमण से बचाने के लिए इनसे बचना उचित है। इस मौसम में कच्चे खाद्य पदार्थ खाने से पहले उन्हें उबाल लें या उन्हें भाप देने के बाद प्रयोग करें तो अच्छा रहेगा।

मशरूम: सामान्य तौर पर, मशरूम नम मिट्टी में उगते हैं और मानसून के मौसम में इनका सेवन करने से संक्रमण और बैक्टीरिया के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए मशरूम से बनी डिशेज से परहेज ही इस मौसम में सही होगा।

आम: यदि आप एक आम प्रेमी हैं, तो आपको यह बात निराश जरूर करेगी, लेकिन ये सच है कि आपको इस मौसम में आम से बचना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, मानसून के दौरान आम खाने से ‘वात ‘ और ‘कफ’ दोष बढ़ जाते हैं जिससे मुंहासे की गंभीर समस्या हो जाती है।साथ ही पेट खराब होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

सड़क किनारे मिलने वाला जूस: फलों को खुले में रखने से लेकर दूषित पानी के उपयोग तक, सड़क के किनारे इस नम मौसम के दौरान आपको बीमार बनाने के सभी कारण हैं। इसलिए इस दौरान यहां मिलने वाले जूस से तौबा करें। अगर जूस पीना है तो ताजे फलों का उपयोग करके घर पर जूस तैयार करें और तुरंत पी लें।

यह चीज़े भी हो सकती हैं नुकसानदायक

कचौड़ी-समोसे न खाएं
कचौड़ी-समोसे न खाएं

तला-भुना हुआ खाना: तला हुआ भोजन पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है और अत्यधिक उमस भरा मौसम आंत को इस असंतुलन को संभालने के लिए सबसे खराब बनाता है। समोसे, जलेबियों और कचौड़ी से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, अतिरिक्त नमकीन भोजन से बचना चाहिए।

दही: जो लोग अस्थमा और साइनस से पीड़ित हैं, उन्हें हर कीमत पर दही नहीं खाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर में कफ को बढ़ाता है।

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