आज कल की बिज़ी लाइफस्टाइल में सेहत का ध्यान रखना एक टफ टास्क हो गया है। देर रात तक जागकर काम करना, फ़ास्ट फ़ूड और तेल मसाले से भरपूर खाना खाने पर जाने कब वजन बढने लगता है, हमें पता ही नहीं चलता। ऐसे में जब वजन घटाने की डाइट की बात आती है, तो हमें अक्सर डीप फ्राइड फ़ूड से बचने के लिए ग्रील्ड या बारबेक्यू फ़ूड का सेवन करने का निर्देश दिया जाता है। और हम ‘हेल्दी डाइट फॉलो करने के चक्कर में आँख बंद कर ऐसी चीज़ें भी करने लग जाते हैं जिनसे खतरनाक स्वास्थ्य समस्याएं शरीर में पैदा हो सकती हैं। ऐसा ही एक फ़ूड ट्रेंड जोर पकड़ रहा है जो शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और वो है बारबेक्यू फूड। आइए जानते हैं क्यों स्वास्थय के लिए नुकसानदेह है बारबेक्यू फ़ूड।

डायटीशियन प्रीति शुक्ला के मुताबिक, बारबेक्यू फ़ूड में ज्यादातर मीट को पकाया जाता है। मांस में क्रिएटिन होता है जो कि एक कार्बनिक एसिड है और यह मसल सेल्स द्वारा उपयोग की जाने वाली एनर्जी की आपूर्ति करने में मदद करता है।जब मांस को बारबेक्यू पर पकाया जाता है, तो केमिकल रिएक्शन क्रिएटिन को कंपाउंड्स के एक ग्रुप में बदल देती है जिसे हेट्रोसायक्लिक एमाइन (एचसीए) कहा जाता है। कई स्टडीज में यह साबित हुआ है कि ये कंपाउंड्स कैंसर का कारण बनते हैं जब हाई कंसंट्रेशन में इसका सेवन किया जाता है।

कैंसर के बढ़ जाते हैं चांस

फ्राइंग और ग्रिलिंग में भी हेट्रोसायक्लिक एमाइन रिलीज होता है लेकिन बारबेक्यू बहुत ही ज्यादा लेवल पर हेट्रोसायक्लिक एमाइन का उत्पादन करते हैं, क्योंकि इसमें खाने पर डायरेक्ट हीट लगती है। इस वजह से खाना पकाने की यह तकनीक शरीर को नुकसान पहुंचाती है। कई रिसर्च में यह साबित हुआ है कि बारबेक्यू में खाना बनाने के दौरान जो धुआं खाने पर सीधे लगता है उससे बहुत सारा पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (पीएएच) निकलता है। यह पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन आगे चलकर कैंसर का कारण बनता है।

बारबेक्यू फ़ूड खाने से पहले जान लें ये बातें

नियमित बारबेक्यू फ़ूड है नुकसानदायक

Image Credit: thehauterfly.com

अध्ययनों से पता चला है कि बारबेक्यू भोजन का नियमित सेवन स्वास्थ्य जोखिम के साथ जुड़ा हुआ है। अधिकांश स्टडीज में कैंसर के जोखिम के लिए हेट्रोसायक्लिक एमाइन और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन को जिम्मेदार ठहराया गया है। कई स्थानों पर, लोग स्वास्थ्य जोखिम के कारण बारबेक्यू खाना नहीं खाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि बारबेक्यू भोजन को एक बार खाने से कोई खतरा नहीं होता। लेकिन अगर आप नियमित तौर पर इसका सेवन करने लगते हैं तो समस्या बढ़ने लगती है।

इसका क्या उपाय है?

हार्वर्ड हेल्थ लेटर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि आप एक साधारण नियम का पालन करते हैं, तो आप बारबेक्यू किए गए भोजन को सुरक्षित बना सकते हैं और कार्सिनोजेन्स के स्तर को 90 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। यह साबित हो गया है कि यदि आप मांस को 2 मिनट के लिए माइक्रोवेव में पहले से पकाते हैं और फिर इसे बारबेक्यू में कुक करते हैं, तो यह खाने के लिए सुरक्षित है। तो अगली बार अगर बारबेक्यू में खाना पकाएं तो यह टिप्स फॉलो करना न भूलें।

This is aawaz guest author account