बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा श्रीदेवी को गुज़रे 2 साल हो चुके हैं। इन 2 सालों में बॉलीवुड बेहद खली है। हाल ही में दोबारा उनकी यादों ने उनके फैंस को भावुक कर दिया है। सिंगापुर के मैडम तुसाद म्यूज़ियम में श्रीदेवी के वैक्स स्टैच्यू का अनावरण किया गया। इस मौके की खासियत ये थी कि इस स्टैच्यू का अनावरण उनकी दोनों बेटियों जान्हवी और खुशी कपूर के साथ- साथ पति बोनी कपूर ने किया। श्रीदेवी की दोनों बेटियों और पति बोनी कपूर के लिए यह भावुक कर देने वाला क्षण था, जिसे सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही तस्वीरें

ये स्टैच्यू इतना खूबसूरत और सटीक है कि एक पल के लिए आपको लगेगा जैसे श्रीदेवी ही सामने खड़ी मुस्कुरा रही हैं

बात करें इन तस्वीरों की, तो सोशल मीडिया पर श्रीदेवी के मोम के पुतले के सामने खड़ी जान्हवी की तस्वीरें ट्रेंड कर रही हैं। इन तस्वीरों में जान्हवी कपूर श्रीदेवी के स्टैच्यू के सामने खड़े होकर उन्हें एकटक निहार रही है। इसका कारण है ये स्टेच्यू। दरअसल ये स्टैच्यू इतना खूबसूरत और सटीक है कि एक पल के लिए आपको लगेगा जैसे श्रीदेवी ही सामने खड़ी मुस्कुरा रही हैं।

मिस हवा-हवाई का खूबसूरत लुक

इस स्टैच्यू को 1987 में रिलीज़ हुई श्रीदेवी की फेमस फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के गाने ‘हवा हवाई’ का लुक दिया गया है। यह गाना उस दौर में इतना फेमस हुआ था कि श्रीदेवी को हवा हवाई गर्ल के नाम से पुकारा जाने लगा था। इस गाने की पॉपुलारिटी ने श्रीदेवी के करियर में चार चांद लगा दिए थे। इस फिल्म में श्रीदेवी के साथ अनिल कपूर लीड रोल में नज़र आए थे। इस फिल्म को बोनी कपूर ने ही बनाया था।

 

क्या खासियत है स्टैच्यू की?

इसे 5 महीनों के समय में बनाया गया

सिंगापुर के मैडम तुसाद में श्रीदेवी का यह स्टैच्यू एक खूबसूरत कलेक्शन माना जा रहा है। इस स्टैच्यू को बनाने में 20 कलाकारों की मेहनत लगी और इसे 5 महीनों के समय में बनाया गया। कहा जा रहा है कि इन कलाकारों ने श्रीदेवी की स्टैच्यू के मेकअप, आउटफिट और पोज़ का भी खास ख्याल रखा है। खास तौर पर स्टेचू को पहनाए गए कफ, झुमके, क्राउन, ड्रेस और ब्रोच थ्री डी में बनाए गए हैं, जिसके लिए इन कलाकारों ने खास मेहनत की है।

इस स्टैच्यू की खूबसूरती ये बात साबित करती है कि श्रीदेवी के जाने के बाद भी उनके फैंस उन्हें खास अंदाज़ में देख सकेंगे।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..