इस साल दीवाली पर पटाखे नहीं, बल्कि गोलियों के धमाके होंगे। दरअसल, इंडस्ट्री में जहां हर साल दीवाली पर किसी बड़े हीरो की फिल्म बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ होती है, वहीं इस साल तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर, शूटर दादी बनकर आ रही हैं। इस फिल्म के ट्रेलर लांच के मौके पर तापसी और भूमि दोनों ही काफी भावुक हो गई। फिल्म में 60 साल पार कर चुकी दादी की भूमिका निभाने वाली इन दोनों ही अभिनेत्रियों ने यह फिल्म अपने परिवार और खास कर अपनी मां को डेडिकेट की हैं।

तापसी ने फिल्म अपनी मां को की समर्पित

तापसी ने चन्द्रो दादी का किरदार निभाया है

Image Credit: Saand Ki Aankh

50 साल की उम्र के बाद शूटिंग शुरु कर कई प्रतियोगिता मेंं लगभग 352 मेडल हासिल करने वाली प्रकाशी तोमर और चन्द्रो तोमर दादी की कहानी से यूं तो हर कोई वाक़िफ़ है। शूटर दादी के नाम से जानी जाती इन्हीं दादियों की कहानी अब दीवाली पर बॉक्स ऑफ़िस पर होगी। फिल्म के ट्रेलर में जहां एक तरफ कई बंदूक के धमाके हैं, वहीं इसके धमाकेदार डायलॉग भी लोगों का दिल जीत रहे हैं। महिला सशक्तिकरण के बारे में बात करते हुए हर किसी को प्रेरित करती इस फिल्म को लेकर तापसी का मानना है, “हम हर साल दीवाली पर लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस साल तो दो हीरोइनों की फिल्म है, देखते है कि लोगों को कितनी पसंद आएगी और हमें कितनी लक्ष्मी मिलेगी।”

वहीं तापसी का कहना है कि यह उन फिल्मों में से है, जिसे वो अपने बच्चों को ज़रुर दिखाना चाहेगी। तापसी के मुताबिक, “यह फिल्म ऐसी है, जो मैंने सामने से चलकर मांगी। मैं चाहूंगी कि यह फिल्म मेरे बच्चे ज़रुर देखें। दरअसल, यह फिल्म मैं मेरी मम्मी को, सभी की मम्मी को समर्पित करती हूं। मुझे लगता है कि कई ऐसी औरतें हैं जो शादी से पहले अपने पिता के कहने पर, शादी के बाद अपने पति के मुताबिक और बच्चे होने के बाद अपने बच्चों के लिए जीती हैं। वो इन सब में भूल जाती हैं कि भला उसको क्या चाहिए। मैं चाहती हूं कि मैं अपनी मां के लिए जीने का कारण बनू। वो 60 साल की हो चुकी हैं, लेकिन मैं चाहती हूं कि जीवन में वो करे, जो उसने ना किया हो।”

भूमि शूटिंग में पहले ही माहिर थी

भूमि ने फिल्म में प्रकाशी दादी की भूमिका निभाई है

Image Credit: Official Trailer – Saand Ki Aankh

जहां 60 साल का बनने और दिखने के लिए दोनों ही हीरोइनों को कई प्रोस्थेटिक्स इस्तेमाल करने पड़े, वहीं दोनों को ही बंदूक शूटिंग की भी तालीम लेनी पड़ी। भूमि की माने तो उन्हें यह फिल्म उनके शूटिंग के टेलेंट पर मिली है। भूमि के मुताबिक, “एक या दो क्लास में ही मेरा निशाना एकदम सही जगह बैठना शुरु हो गया था। इसलिए मुझे शूटिंग के मामले में तापसी की तुलना में कम मेहनत करनी पड़ी। जहां तक प्रोस्थेटिक्स का सवाल है, तो मेरी स्किन बहुत खराब हो गई थी और आधी पूरी काली हो चुकी थी, लेकिन शुक्र है कि अब वो ठीक हो गई है। लेकिन उन प्रोस्थेटिक्स को करने में बहुत समय जाता था। कई बार तो गर्मी में शूट करने की वजह से पसीना भी आ जाता था, ऐसे में वो पूरा प्रोस्थेटिक निकाल कर फिर से करना पड़ता था”

तुषार हीरानंदानी निर्देशित इस फिल्म का ट्रेलर लोगों का दिल जीत रहा है। कुछ सीखने के लिए और कर दिखाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि आपका ज़ज़्बा मायने रखता है, यही संदेश यह फिल्म लोगों को देना चाहती हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।