आज ‘बाबू गणपत राव आप्टे’ का जन्मदिन है। 63 साल के हो चुके परेश रावल, उन चुनिंदा एक्टर में से हैं, जो किसी भी किरदार में जान डाल देते हैं। हिन्दी सिनेमा में लगभग 200 जितनी फिल्मों में काम कर चुके परेश रावल ने फिल्म ‘होली’ से बॉलीवुड में अपने सफर की शुरुआत की। बतौर केरेक्टर आर्टीस्ट और विलेन के तौर पर फिल्मों में शुरुआत करने वाले परेश धीरे-धीरे हीरो बन गए। ऐसा बहुत कम सितारों के साथ होता है कि विलेन होने के बावजूद उनकी सफलता आसमान छूने लगे। परेश रावल के जन्मदिन पर आज उनके बारे में कुछ खास बातें

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परेश रावल ने जब पहली बार स्वरुप संपत को देखा, तो अपने दोस्त से कहा कि मैं इसके साथ ही शादी करुंगा, 12 साल बाद उन्होंने उसी लड़की से शादी की

मिस इंडिया रह चुकी है उनकी पत्नी स्वरूप संपत

30 मई 1955 में मुंबई में जन्मे परेश रावल ने 1987 में स्वरूप संपत से शादी की। उनके दो बेटे हैं अनिरुद्ध रावल और आदित्य रावल। अनिरुद्ध ने सलमान खान की फिल्म सुल्तान में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया है और वे थिएटर से जुड़े रहते हैं। आदित्य को लिखने का शौक है और उसी में अपना करियर और पहचान बनाना चाहते हैं। आदित्य थिएटर के साथ जुड़ चुके हैं और उन्होंने एक दो हिंदी फिल्मों में काम भी किया है।

परेश रावल का फिल्म से राजनीति तक का सफर

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परेश रावल अभी भी राजनीति में सक्रिय हैं और साल 2014 से उन्होनें राजनीतिक करियर की शुरुआत की

मुंबई के ही नर्सी मूंजी कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड इकनॉमिक्स से पढ़ाई करने वाले परेश रावल ने फिल्मों में आने से पहले, कुछ समय तक बैंक में भी नौकरी की है। बतौर कैरेक्टर आर्टिस्ट और विलेन के तौर पर शुरुआत करने वाले परेश ने ‘कब्ज़ा’ ‘राम लखन’ और ‘दौड़’ जैसी फिल्मों का बुरा आदमी बनने के बाद, साल 1994 में आई फिल्म ‘अंदाज़ अपना अपना’, ‘चाची 420’ और ‘हेरा- फेरी’ जैसी फिल्मों से कॉमेडी की शुरुआत की। साल 2000 में आई फिल्म ‘हेरा फेरी’ से उन्हें कॉमेडी फिल्मों में बतौर कॉमेडियन पहचान मिली। ‘हेरा फेरी’ का ‘बाबूराव’ आखिर किसे याद नहीं होगा? साल 2012 में आई फिल्म ‘ओ माय गॉड’ से परेश रावल ने बतौर प्रोडयूसर शुरुआत की। यह फिल्म उन्हीं के गुजराती नाटक पर आधारित थी। इस फिल्म के लिए परेश रावल और अक्षय कुमार दोनों को काफी प्रशंसा मिली। इसके अलावा परेश रावल गुजराती नाटकों में लगातार काम करते रहते हैं। छोटे पर्दे के लिए भी उन्होंने कई सीरियलस का निर्माण किया है। साल 2014 में उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वह वर्तमान सांसद भी हैं।

परेश रावल और अवार्ड

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साल 2014 में उन्हें पदमश्री अवार्ड से नवाज़ा गया

परेश रावल ने अपने करियर में कई अवार्ड भी बटोरे। 1994 में उन्हें फिल्म ‘वो छोकरी’ और फिल्म ‘सर’ के लिए सहायक अभिनेता का नेशनल अवार्ड दिया गया। साल 2014 में उन्हें पद्मश्री अवार्ड से भी नवाजा गया। इन अवार्ड के अलावा भी उन्हें समय समय पर कई फिल्मी अवार्ड मिलते रहे, लेकिन उनका सबसे बड़ा अवार्ड है, उनके लिए उनके फैंस का प्यार, जो हमेशा बरकरार रहा।

परेश रावल राजनीति के साथ साथ अपने फिल्मी करियर में भी सक्रिय है। बहुत ही जल्द वह फिल्म ‘संजू’ में सुनील दत्त की भूमिका निभाते हुए नज़र आएंगे। इस फिल्म में वह संजय दत्त बने रणबीर कपूर के पिता का किरदार निभा रहे हैं। प्रतिभा के धनी इस एक्टर को हमारी तरफ से जन्मदिन की शुभकामनाएं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।