मात्र 13 वर्ष के लिडियन नादस्वरम इतनी छोटी सी उम्र में पियानो ऐसे बजाते है, जैसे कोई बड़ा कलाकार पियानो बजा रहा हो। लिडियन संगीत की दुनिया में केवल 7 वर्ष की उम्र से पियानो बजाते आ रहे है, और तो और वे एक समय में दो पियानोज़ एक साथ बजा सकते है। पिछले हफ्ते लिडियन लोकप्रिय अमेरिकी टीवी शो, द एलेन शो में दिखाई दिए थे, जहां उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर मोजार्ट्स टर्किश मार्च नामक धुन बजाई थी।

लिडियन नादस्वरम चेन्नई के रहते हैं और दिन में 5 से 6 घंटे पियानो बजाने का अभ्यास करते हैं। लिडियन पश्चिमी शास्त्रीय संगीत, जैज़ से लेकर भारतीय संगीत, हर तरह का संगीत बजाते हैं। वह टीवी शो द वर्ल्ड्स बेस्ट में भी नज़र आए हैं, जहां दुनिया भर से बेहतरीन कलाकारों को बुलाया जाता है। टेडएक्स की माने तो, लिडियन सिर्फ 2 साल की उम्र से ही संगीतकार बन चुके थे। उन्होंने सबसे पहले ड्रम बजाने से शुरुआत की और आज वह पियानो के साथ साथ मृदंगम, गिटार और तबला भी बजा सकते हैं।

खुद ए आर रहमान ने भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की है। उनके पिता दर्शन सतीश, तमिल फिल्म उद्योग में एक संगीत निर्देशक हैं और उनकी एक बहन भी है जो पियानो बजाने में माहिर है।

अब तक का उनका सबसे सराहनीय परफॉरमेंस वर्ल्डस बेस्ट के मंच पर ‘द फ्लाइट ऑफ द बम्बल बी’ रहा है । उन्होंने पहले मध्यम गति से गाना बजाया और फिर शो के जज ड्रयू बैरीमोर से कहकर अपनी गति बढ़वा दी। सभी जजेज़ लिडियन की इस मांग से स्तब्ध रह गए थे। गज़ब की बात तो यह हुई कि लिडियन वहां रुका नहीं, उसने स्पीड और ज़्यादा बढ़वाकर गाना बजा कर दिखाया। यह बेशक एक चौंका देनेवाला दृश्य था।

महज 13 साल की उम्र में यह सब हासिल करना कोई आम बात नहीं होती। निश्चित रूप लिडियन नादस्वरम का भविष्य उज्जवल होगा।