डायरिया एक ऐसी समस्या है, जो बारिश के मौसम में होना एक आम बात है। बारिश में मौसम खराब होने की वजह से लोगों में इम्युनिटी कम होने लगती है। साथ ही पानी के ज़रिये होनेवाले संक्रमण बढ़ जाते हैं। जिसकी वजह से डायरिया जैसी समस्या लोगों में बढ़ने लगती है। डायरिया होने पर लोगों को उल्टी और दस्त होना आम हो जाता है, जिसके बाद डिहाइड्रेशन और कमज़ोरी से भी हमें जूझना पड़ता है। इसलिए डायरिया से बचने के लिए आज हम कुछ ऐसी बातों को जानेंगे, जो आपको खास तौर पर बारिश के दिनों में डायरिया से बचाएंगी।

क्या होता है डायरिया?

समय रहते डायरिया का इलाज ना होने पर आप बेहद बीमार हो सकते हैं और आपकी जान भी जा सकती है

डायरिया तब होता है, जब आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इसकी वजह से शरीर में संक्रमण फैलने लगता है। इसकी वजह से शरीर की इम्युनिटी कमज़ोर हो जाती है बाहरी तत्व पाचनतंत्र को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। समय रहते डायरिया का इलाज ना होने पर आप बेहद बीमार हो सकते हैं और आपकी जान भी जा सकती है। यह समस्या सबसे ज़्यादा बच्चों और बुज़ुर्गों को तकलीफ़ देती है।

किन कारणों से होता है डायरिया?

डायरिया होने के कई कारण हो सकते हैं। अक्सर लोग बाहर मिलनेवाले संक्रमित खाने को खा लेते हैं, जिससे पेट में कई हानिकारक बैक्टेरिया पनपने लगते हैं और आपको डायरिया की समस्या हो सकती है। इसके अलावा पानी से भी ये समस्या हो सकती है।

डॉ आर जैन की माने, तो आस-पास साफ़-सफाई की कमी के चलते भी आपको संक्रमण हो सकता है। कई बार डायरिया वाइरल तत्वों की वजह से भी फ़ैल सकता है। इन वायरल इंफेक्शन में रोटावायरस और नोरोवायरस नामक दो वाइरस बच्चों और बूढ़ों में, वहीं एडेनोवायरस हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बना सकता है। इसके लक्षणों में लूज़ मोशन, तीखा पेट दर्द, डिहाइड्रेशन, उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या करें जब हो डायरिया?

पीने के पानी को उबालकर पिएं और अपने आसपास साफ़ सफाई रखें

डायरिया में डॉक्टर को दिखाने में देर नहीं करनी चाहिए। ज़रूरी मेडिसीन और देखभाल के ज़रिये इसे जल्दी ठीक किया जा सकता है। साथ ही तेल-मसाले और बाहर के खाने से दूरी बनानी चाहिए।

रोगी को तरल पदार्थ ज़्यादा लेने चाहिए, जिससे यह खाना आसानी से पचे और आपको डिहाइड्रेशन ना हो। इस समय में दलीया, खिचड़ी और दाल का पानी पीने की सलाह दी जाती है।

दूध और मिल्क प्रोडक्ट्स से दूरी बनाएं, क्योंकि इससे डायरिया की समस्या बढ़ सकती है। साथ ही कच्चे दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। कच्चे दूध में बैक्टेरिया पनपने की क्षमता ज़्यादा होती है।

साथ ही पीने के पानी को उबालकर पिएं और अपने आसपास साफ़ सफाई रखें। हर बार वॉशरूम से निकलने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोएं और सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।

इन टिप्स को अपनाकर आप डायरिया से बच भी सकते हैं और इस समस्या से निपट भी सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..